
पप्पू कार धो रहा था, तभी पास से आंटी गुजरी..
आंटी- कार धो रहे हो क्या?
पप्पू गुस्से में- नहीं, कार को पानी दे रहा हूं। शायद बड़े होकर बस बन जाए।
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पप्पू के कोई संतान नहीं थी।
उसने खूब मन्नतें मांगी,
नंगे पैर तीर्थ यात्रा पर गया,
जमीन पर सोया,
सारे देवी-देवताओं के दर्शन किए,
बहुत दिनों तक उपवास किया और
अंत में कठिन निर्जला व्रत आरम्भ कर दिया।
तब भगवान खुद प्रकट हुए
और हाथ जोड़ कर बड़े प्यार से बोले..
“पहले शादी तो कर ले मेरे बाप…”
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प्रेमिका- मेरे जन्मदिन का गिफ्ट कहां है?
प्रेमी- वो सड़क पर लाल रंग की कार देख रही हो
प्रेमिका खुशी से- वाओ…
प्रेमी- उसी रंग की नेलपॉलिश तेरे लिए लाया हूं…
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