
प्रख्यात अर्थशास्त्री अभिजीत बनर्जी ने जयपुर साहित्य सत्र में लोगों को सबोंधित करते हुए कहा कि भारत को एक मजबूत विपक्ष की जरुरत है क्योंकि विपक्ष लोकतंत्र का ह्रदय होता है और सत्तारुढ़ पार्टी को भी इस बात को समझना चाहिए। उनका कहना है कि अगर विपक्ष अच्छा और लोगों के मुद्दें उठाने वाला होगा तो सत्तारुढ़ कोई भी गलत फैसला लेने से पहले कई बार उस पर विचार विमर्श करेगी।
आगे लोगों को सबोंधित करते हुए बनर्जी ने कहा कि अधिनाकवाद और आर्थिक सफलता में कोई संबंध कोई संबंध नही है। आप सिंगापुर का उदारण ले सकते है, कि सिगापुर में सफल तानाशाह था, जिम्बाब्वे की बात की जा सकती है। हम इस घृणा उत्पन्न करने वालो के बारे में बात कर सकते है, एक स्तर पर सत्ता भ्रम होता है। आगे उन्होंने कहा कि भारत को एक अच्छे विपक्ष की जरुरत है जो सत्तारुढ़ को अच्छी तरह नियंत्रित कर सकें।
उन्होंने गरीबी पर बोलते हुए कहा कि गरीबी एक कैंसर है जो कई सारी बीमारियां उत्पन्न करता है कुछ लोग शिक्षा के मामलें में गरीब है कुछ सेहत के मामलें और कुछ पूंजी के मामलें में गरीब है हमें देखना होगा की कमी कहा रह गई है। हम सभी कमियों का एक तरह से समाधान नही कर सकते। रुढिवादिता को चुनौती देते हुए उन्होंने कहा कि अगर हम गरीबों को पैसा फ्री में देगें तो वो उसका अपव्यय करेगे और गरीबी की दलदल में फिर फंस जाएगें। हालांकि बनर्जी ने घोर गरीबी में रह रहें लोगों को पैसा देने और सुविधाएं देने का समर्थन किया।
आपकी जानकारी के लिए बतां दे कि मैसाच्युसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में नवोन्मेषी अर्थशास्त्री और उनकी पत्नी एस्थर डुफलो और हार्वर्ड विश्वविद्यालय में प्रोफेसर माइकल क्रेमर को वैश्विक गरीबी उन्मूलन की खातिर प्रायोगिक तरीके अपनाने के लिए संयुक्त रूप से 2019 में अर्थशास्त्र के नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
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