Monday, January 27, 2020

जानें, किन-किन राज्यों ने CAA के खिलाफ प्रस्ताव जारी किया

देश में जब से सीएए कानून आया है तब से इस कानून को लेकर लोग सड़कों पर प्रदर्शन कर हो रहे है। हालांकि देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और देश के गृहमंत्री अमित शाह ने बार-बार अपनी रैलियों में कहा है कि इस कानून से देश के किसी भी नागरिक की नागरिकता नही जाएगी। परंतु फिर भी लोग इसके खिलाफ सड़कों पर उतरे हुए है। देश में कांग्रेस शासित प्रदेशों ने इस कानून को अपने राज्य में लागू करने से मना कर दिया है।

सबसे पहले केरल राज्य ने इस कानून के खिलाफ अपनी विधानसभा में प्रस्ताव जारी किया। उसके बाद पंजाब ने भी इस कानून को अपने राज्य में लागू करने से मना कर दिया है। अगर हम पश्चिम बगांल की बात करें तो पश्चिम बगांल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी इस कानून के खिलाफ मुखा़लत की है। उन्होंने ने यहाँ तक कह दिया कि अगर यह कानून बगांल में लागू होता है तो उसकी लाश के ऊपर पास होकर जाएगा। आज मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सदन में इसके खिलाफ प्रस्ताव लाएगी, राज्य की विपक्षी पार्टीयां कांग्रेस और लेफ्ट इस प्रस्ताव के समर्थन में है जबकि भाजपा इसका विरोध कर रही है।

सीएए को लेकर हो रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच अब कांग्रेस शासित प्रदेश राजस्थान ने भी इस कानून को नही लागू करने के लिए विधानसभा में इसके खिलाफ प्रस्ताव जारी किया। राजस्थान सरकार का कहना है कि यह कानून भारतीय सविंधान के खिलाफ है इसलिए राजस्थान सरकार ने शनिवार को इस कानून के खिलाफ अपनी सदन में प्रस्ताव पारित किया है। वही अब खबर आ रही है कि तेलंगाना के मुख्यमंत्री केसीआर ने भी इस कानून का विरोध किया है। मुख्यमंत्री केसीआर का कहना है कि सीएए एक गलत फैसला है हम एक सत्र बुलाकर सीएए, एनसीआर और एनपीआर के खिलाफ प्रस्ताव जारी करेंगे। अब तक  देश के चार राज्यों ने सीएए के खिलाफ अपनी विधानसभा में प्रस्ताव जारी किए है वही भाजपा को इस कानून का विरोध कर रहे राज्यों से एक फायदा ये भी मिल रहा है कि उनके हिंदुत्व वोट बैंक बढ़ रहा है। अभी मामला सुप्रीम कोर्ट में गया था जहाँ कोर्ट ने इसे चार हफ्तों का टाइम देकर छोड़ दिया। अब चार हफ्तों बाद इसके ऊपर सुनवाई होगी।



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