
लॉकडाउन के दौरान काम बंद होने से मजदूर अपने घर लौटने लगे। ट्रेन तथा बस नहीं मिलने पर कई लोग अपने घरों के लिए पैदल ही चल पड़े।
कल शाम को ग्रेटर नोयडा में युमना एक्सप्रेसवे के जीरो पॉइंट के पास सडक वाहनों से तो खाली था लेकिन पैदल चलने वालों का रेला लगा हुआ था। लॉकडाउन के बाद सब कुछ गँवा बैठे लोग पैदल चले जा रहे थे जिसमे बच्चे थे, नौजवान लड़के थे, दुधमुहें बच्चों को गोद में लिए औरतें थीं , कोई मैनपुरी जा रहा था, कोई शाहजहाँ पुर जा रहा था, कोई बलिया जा रहा था, कोई इलाहाबाद जा रहा था।
इन लोगों के पास पीने का पानी तक नहीं था। गौतमबुद्ध नगर पुलिस के डिप्टी कमिश्नर साहब अपने साथियों के साथ जब वहां पंहुचे तो लोग भागने लगे, तभी लाउड स्पीकर से ऐलान हुआ – भागो मत, आप लोगों के लिए कुछ खाने पीने का इंतजाम किया जा रहा है।
आवाज सुनकर डरे सहमे लोग पुलिस वालों को दखने लगे। पुलिस के अधिकारियों ने लाइन लगवाकर पानी की बोतलें और बिस्कुट आदि बांटा। इसके बाद घोषणा हुई कि आप लोग पैदल मत जाइए , आगरा तक भेजने का इंतज़ाम किया जा रहा है।
वहां मौजूद लोगों ने कहा कि इस मुश्किल समय में पुलिस का एक मानवीय चेहरा दिखा। लॉकडाउन में फंसे हुए लोगों को उनके घर पहुँचाने तथा उनके लिए भोजन आदि का प्रबंध सरकार के तरफ से किया जा रहा है। स्थानीय लोग तथा कई सामाजिक संगठन भी लोगों की मदद कर रहे हैं।
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