Sunday, April 5, 2020

कोरोना वायरस को मात देने के लिए कंटेंटमेंट प्लान तैयार, हॉटस्पॉट वाले इलाकों को किया जाएगा लॉक

कोरोना वायरस की बढ़ती हुई मरीजों की संख्या को भारत में देखते हुए, उनके हॉटस्पॉट की पहचान के बाद सरकार ने वायरस को उसी इलाके तक सीमित रखने के लिए कंटेंटमेंट प्लान तैयार किया है। हॉटस्पॉट वाले इलाकों में कोरोना वायरस के फैलने की स्थिति में इस प्लान को लागू किया जाएगा। प्लान में पूरे विस्तार से बताया गया है कि वायरस को फैलने से रोकने के लिए किन किन उपायों की जरूरत होगी। किस किस चीज की कितनी महत्वपूर्ण भूमिका होगी।

शनिवार को तैयार किए गए कंटेनमेंट प्लान के अनुसार कोरोनावायरस के स्वाइन फ्लू के वायरस की तरह कुछ इलाकों में ज्यादा आउट होने की आशंका सबसे ज्यादा है। वही देश के अन्य हिस्से इससे बचे रह सकते हैं। ऐसे में वायरस को उसी इलाके तक सीमित रखना सबसे बड़ा उपाय होगा, इस पर युद्ध स्तर पर कार्य होगा। क्योंकि जरा सी चूक से यह वायरस दूसरे इलाके में भी उतनी ही तबाही मचा सकता है। सरकार कि पूरी गणना के अनुसार यह अनुमान लगाया है कि कोरोनावायरस के आउटब्रेक होने की आशंका शहर के घनी आबादी वाले इलाकों में ज्यादा है जबकि ग्रामीण इलाकों में इसका असर कम होगा।

पूरी रिसर्च के बाद ही इस नतीजे पर पहुंचा गया है कि कोरोना के भारत में आउटब्रेक होने की स्थिति में केवल 81 % मरीज में सामान्य लक्षण पाए जाते हैं इन्हें अस्पताल में रखने की जरूरत नहीं होती है। केवल 14 फीसद मरीज को ही अस्पताल में रखा जाएगा और उनमें से भी पांच % मरीज  सिर्फ ऐसे होते हैं जिन्हें वेंटिलेटर और लाइफ सपोर्ट सिस्टम की जरूरत होती है। इससे साफ तौर पर जाहिर है कि अस्पताल से बोझ कम करने के लिए सामान्य रूप से बीमार मरीजों को अस्पताल में रखने की जरूरत नहीं होगी। उन्हें घर पर ही पूरी व्यवस्था के साथ रहना होगा। होटल गेस्ट हाउस में मौजूदा सेंटर का भी इस्तेमाल किया जाएगा। कोरेना के लिए बने विशेष रूप से अस्पतालों में केवल उन्हीं मरीजों को रखा जाएगा जिनकी स्थिति गंभीर है जिन्हें स्वास्थ्य सेवाओं की सख्त जरूरत है।

शनिवार को जारी किए गए कंटेंटमेंट प्लान के अनुसार जिन इलाकों में आउट ब्रेक होने की सबसे ज्यादा आशंका है वहां लोगों को बाहर निकलने की बिल्कुल अनुमति नहीं होगी। सारे रास्ते बंद कर दिए जाएंगे। जरूरी सेवाओं की हर जगह विस्तृत जानकारियां भी उपलब्ध करवाई जाएगी। अधिकारी उनसे लगातार अपडेट रहेंगे।

आउटब्रेक वाले इलाकों में साधारण सर्दी जुकाम से ग्रसित व्यक्ति का भी कोरोनावायरस कराया जाएगा। बड़े पैमाने पर इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कितने लोग इस वायरस से संक्रमित हैं और नहीं। कंटेनमेंट प्लान में पहचान की गई ईलाकों के चारों ओर एक बफर जोन की भी पहचान की जाएगी। बफर जोन वाले इलाकों में कोरोनावायरस के लक्षण और उनके मरीजों पर खास ध्यान रखा जाएगा। ताकि यह वायरस कंटेनमेंट वाले इलाके से बाहर ना निकले इसे बफर जोन तक ही पूरी तरह से रोका जाए।

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