
श्रीनगर: घाटी की राजनीति में एक बार फिर से उथल पुथल देखने को मिल रही है| बीते दिनों हुए निकाय चुनावों के बाद भी अब एक बाद फिर से सियासी तूफ़ान जोरो पर है| सूबे के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने विधानसभा भंग कर दी है और आशंका लगाईं जा रही है की लोकसभा के साथ इसके चुनाव हो सकते है| उन्होंने इसकी वजह बताते हुए कहा की जब पार्टियों को सरकार बनाने का न्यौता मिला तो इससे उन्हें लगा की खरीद फरोख्त बहुत अधिक हो सकती है जिससे विधानसभा भंग करना उचित समझा|
असंभव सी बातें– इसके अलावा राजभवन की ओर से बयान दिया गया कि राज्यपाल ने अहम कारणों से तत्काल प्रभाव से विधानसभा भंग करने का निर्णय लिया जिनमें ‘‘व्यापक खरीद फरोख्त’’ की आशंका और ‘‘विरोधी राजनीतिक विचारधाराओं वाली पार्टियों के साथ आने से स्थिर सरकार बनना असंभव’’ जैसी बातें शामिल हैं| राजभवन ने बाद में एक बयान में कहा, ‘‘राज्यपाल ने यह निर्णय अनेक सूत्रों के हवाले से प्राप्त सामग्री के आधार पर लिया|’’ उन्होंने ये भी कहा कि जरूरी नहीं कि राज्य के चुनाव अभी हों, ये चुनाव लोकसभा चुनाव के साथ भी कराए जा सकते हैं| बयान में कहा गया की यह खबर आ रही थी की व्यापक खरेद फरोख्त की तैयारी चल रही है और इससे कही ना कही घाटी का माहौल और अधिक खराब होता और लोकतंत्र का नुकसान होता जिस वजह से यहाँ की विधानसभा को भंग किया गया है|
आपको बता दे की पहले वहां बीजेपी और पीडीपी के गठबंधन की सरकार थी लेकिन बीजेपी ने अपना समर्थन वापिस ले लिया था जिसके चलते सरकार गिर है थी और अब वहां राज्यपाल शासन लागू है|
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