Saturday, November 17, 2018

पुरुषों को भी होते हैं पीरियड, यकीन ना हो तो खुद ही पढ़ लें

शायद ये हेडलाइन पढ़कर आपका दिमाग चकरा गया होगा और आप सोच रहे होंगे अभी तक तो केवल महिलाओं को ही पीरियड होते थे पुरुषों को कब से महावारी की समस्या हो गई,तो मैं बता दूंगी यह हम नहीं कह रहे यह एक शोध से सिद्ध हुआ है कि पुरुषों को भी पीरियड की प्रॉब्लम को झेलना पड़ता है उनके भी मूड स्विंग होते हैं.लेकिन उनके पीरियड में रक्तस्त्राव नहीं होता पर वे बहुत ज्यादा डिप्रेशिव हो जाते हैं इसे मेडिकल की भाषा में Irritable Male Syndrome (IMS) कहते हैं.इस दौरान मर्दों के पेट और कमर में दर्द, चिड़चिड़ापन, भूख न लगना, गुस्सा आना आदि चीजें शामिल होती हैं.

पुरुषों को झेलने पड़ते हैं सारे कष्ट


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महिला और पुरुषों के पीरियड्स में केवल ब्लीडिंग का अंतर होता है इसके अलावा सारी सिचुएशन एक जैसी ही रहती हैं.जिस तरह महिलाओं की महावारी के दौरान उनके हार्मोन्स में बदलाव आते हैं ठीक वैसे ही पुरुषों में भी हार्मोनल में बदलाव आते हैं.उन्हें भी दर्द सहना पड़ता है.अगर आप एक पुरुष हैं तो कभी कभार आपको गुस्सा आना, छोटी-छोटी बातों पर लड़ाई करना, काम करने में आलस आना, ज्यादा खाना खाने की इच्छा या भूख न लगना कुछ ऐसे लक्ष्ण दिखाई देते होंगे.उसे Irritable Male Syndrome (IMS) कहते हैं.

पुरुषों को कम दिखते हैं शेड्स

साक्स लिओनार्ड “Why gender matters” ने इतने सारे ऐसे फैक्ट्स के बारे में अपनी बुक में बताया है जो आपने सोचे नहीं होगें लेकिन अगर ध्यान देंगे तो शायद आप भी इन्हें फील कर पाएं.बुक के अनुसार पुरुष महिलाओं की तुलना में कलर्स के कम शेड्स समझ और देख पाते हैं, यानि एक महिला किसी कलर के जितने शेड्स देख पाती है, पुरुष उसके आधे भी नहीं देख पाते.इसका कारण है उनके रेटीना की बनावट.आंख में मौजूद रेटीना कोन सेल्स की वजह से हमें कलर दिखते हैं, ये महिलाओं में पुरुषों से दोगुना ज्यादा होते हैं, इसलिए वो एक ही कलर में पुरुषों को मुकाबले ज्यादा शेड्स देख पाती है.जिस प्रकार महिलाओं में पीएमएस की समस्या होती और पुरुष उनका साथ देते हैं ठीक उसी तरह महिलाओं को भी अपने पार्टनर की इस सिचुएशन को समझना चाहिए और उनका साथ देना चाहिए.



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