Monday, December 23, 2019

झारखंड में बीजेपी के खराब प्रदर्शन का ये है असली कारण!

झारखंड विधानसभा चुनाव में धारा 370, राम मंदिर, तीन तलाक, नागरिकता संशोधन कानून जैसे बीजेपी के राष्ट्रहित से जुड़े मुद्दों के बावजूद बीजेपी सत्ता से बाहर होते दिख रही है। एंटी इनकंबेंसी के अलावा भी कई कारण नजर आ रहे हैं।

इसका एक कारण यह भी है कि वर्तमान सरकार में क्षेत्रीय समस्याओं की ओर ध्यान नहीं दिया गया। इससे पहले रघुवर दास झारखंड के पहले गैर आदिवासी मुख्यमंत्री बने थे। इस वजह से बीजेपी में ही क्षेत्रीय और आदिवासी नेताओं को प्राथमिकता नहीं दी गई।

अर्जुन मुंडा जैसे आदिवासी नेता बीजेपी में ही साइड लाइन कर दिए गए। ये अलग बात है कि लोकसभा चुनाव से पहले मुंडा को केंद्र में मंत्री पद दिया गया। ताकि आदिवासियों की जातीय समीकरण को भुनाया जाय।

5 साल तक पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा की उपेक्षा पार्टी में होती रही। आलाकमान भी इसपर खामोश रहा। चुनाव नजदीक आया तो आनन-फानन में उन्हें मंत्री पद दिया गया। उपेक्षा यहां तक बढ़ गई थी कि पार्टी के बड़े नेता रांची आते थे तो अर्जुन मुंडा से मिलते तक नहीं थे।

उधर सरयू राय के बीजेपी से अलग होने पर वोटरों के बीच अच्छा संदेश नहीं गया। सरयू राय क्षेत्रीय जनाधार वाले नेता थे। उनकी छवि भ्रष्टाचार के खिलाफ बोलने वाले नेता की बनी थी। इन सभी कारणों से पार्टी के अंदर सामंजस्य नहीं बन पाया‌। पार्टी का अंदरूनी लोकतंत्र कमजोर हो गया। एंटी इनकंबेंसी भी एक महत्त्वपूर्ण फैक्टर रहा है इस चुनाव के लिए।

बसपा सुप्रीमो मायावती ने भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद पर साधा निशाना, कहा – वह एक षड्यंत्रकारी है

CAA: नागपुर में नागरिकता कानून के सर्मथन में निकाली गई तिरंगा यात्रा, उमड़ा जनसैलाब



from देश – Navyug Sandesh https://ift.tt/2ZeOYLs

No comments:

Post a Comment