
डॉ. फिरोज खान देश की सुर्खियां तब बनें जब उनको बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में संस्कृत धर्म सकांय में पढ़ाने के लिए मना किया गया। उसके बाद पूरे देश में इसको लेकर बवाल खड़ा हो गया और लोग इसके खिलाफ घरना देने लगे। कुछ लोग इसे सही ठहरा रहे थे कि कोई भी व्यक्ति जिसके पास उस विषय के पूर्ण जानकारी है वह संस्कृत धर्म सकांय में पढ़ा सकता है। लेकिन बनारस हिंदू विश्निद्यालय के छात्रों ने इसके खिलाफ घरना दिया था कि किसी दूसरे मज़हब का व्यक्ति धर्म संकाय की शिक्षा नही दे सकता है। लेकिन अब सरकार ने ड़ॉ. फिरोज खान के पिता को पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया है।
रमजान खान उर्फ मुन्ना मास्टर भजन गाते है, शास्त्री संगीत भी उन्होंने अपने दादा से सीखा है। लेकिन खबरों में रमजान तब आते है जब उनके बेटे फिरोज खान की नियुक्ति को लेकर बवाल होता है। पंरतु बाद में ड़ॉ. फरोज खान की नियक्ति संस्कृत विभाग में होती है। फिरोज खान कभी भी मिडिया के सामने नही आए, लेकिन पिता को पद्मश्री मिलने के बाद फिरोज खान सामने आए और मिडिया से बातचीत की। उन्होंने कहा कि पिता को पद्मश्री मिलने की वजह हाल ही में हुआ विवाद भी हो सकता है। मिडिया से बातचीत के दौरान फिरोज खान ने देशभक्ति के गीत भी गाए।
रमजान खान राजस्थान के बगरु के रहने वाले है। उन्होंने संस्कृत में शास्त्री योग्यता हासिल की हुई है, वह गऊशाला में जाकर सेवा भी करते है और मस्जिद में जाकर नमाज भी अदा करते है। रमजान खान के हिंदु धर्म को मानने को लेकर कभी कोई परेशानी नही हुई। खान ने खुद भी कृष्ण और गाय पर भजन लिखे है।
from देश – Navyug Sandesh https://ift.tt/2Gn5ArQ
No comments:
Post a Comment