
अगर आप 60 साल से ऊपर के हो चुके हैं तो आपकी सेहत के लिए गुस्सा करना बिल्कुल ठीक नहीं है, क्योंकि गुस्सा करने से 60 साल के बाद के लोगों के शरीर में इसका बुरा प्रभाव पड़ने लगता है, जिससे दिल की बीमारी, आर्थराइटिस और कैंसर जैसी घातक बीमारी का खतरा होने की संभावना बढ़ जाती हैं. दरअसल यह हम नहीं कह रहे हैं बल्कि स्टडी से बात सामने आई है.
बुढ़ापे में गुस्सा करना ठीक नहीं

साइकोलॉजी एंड एजिंग जर्नल में प्रकाशित की गई स्टडी में शोधकर्ताओं ने 59 से 93 उम्र वाले करीब 226 लोगों के डेटा की जांच की है. इसके बाद स्टडी में शामिल सभी लोगों को 2 ग्रुप में बाटां गया. एक ग्रुप में ऐसे लोगों को रखा गया, जो बुढ़ापे में कदम रख रहे हैं. वहीं दूसरे ग्रुप में ज्यादा उम्र वाले लोगों को रखा गया.
आर्थराइटिस और कैंसर जैसी घातक बीमारी का खतरा

फिर स्टडी में खुलासा हुआ कि जो लोग उदास रहते हैं उनके शरीर और दिमाग पर इतना बुरा प्रभाव नहीं पड़ता है जितना कि गुस्सा करने वाले लोगों पर. 80 साल या इससे ज्यादा उम्र के लोगों के नियमित तौर पर गुस्सा करने से उनके शरीर में अधिक सूजन के साथ कई बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है. लेकिन मध्य वर्ग के लोगों में ऐसा नहीं होता है.
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