केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय ने वित्त वर्ष 2018-19 की प्रथम तिमाही के लिए जीडीपी के अनुमान जारी किए। अर्थव्यवस्था में बने तेजी के माहौल को प्रतिबिंबित करते हुए जीडीपी वृद्धि दर वर्ष 2018-19 की प्रथम तिमाही में वास्तविक अर्थों में 8.2 प्रतिशत के आंकड़े को छू गई जो वित्त वर्ष 2017-18 की अंतिम तिमाही में दर्ज की गई 7.7 प्रतिशत के मुकाबले और ज्यादा बेहतरी को दर्शाता है। इस विकास का आधार काफी व्यापक है और यह उपभोग व्यय में 8.4 प्रतिशत की वृद्धि और नियत (फिक्स्ड) निवेश में 10.0 प्रतिशत की उल्लेखनीय बढ़ोतरी की बदौलत संभव हो पाया है। विशेषकर फिक्स्ड निवेश में वृद्धि अत्यंत उत्साहवर्द्धक है क्योंकि यह वित्त वर्ष 2017-18 की चौथी तिमाही में दर्ज की गई 14.4 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि के मुकाबले आंकी गई बढ़त को दर्शाती है। यही नहीं, यह आंकड़ा भावी विकास की दृष्टि से भी अच्छे संकेत दे रहा है।
Excellent growth performance in I qrtr. 8.2% overall growth, 13.5% growth in manufacturing and over 10% in capital formation. V shaped recovery of growth in Indian economy is complete now. We should grow at robust and steady state in 18-19 remaining fastest economy in World.
— Subhash Chandra Garg (@SecretaryDEA) August 31, 2018
फिलहाल भारत में समान नागरिक संहिता की जरूरत नहीं: विधि आयोग
आर्थिक मामलों के विभाग में सचिव सुभाष चंद्र गर्ग ने अपने ट्वीट में कहा है, ‘प्रथम तिमाही में उल्लेखनीय वृद्धि। 8.2 प्रतिशत की समग्र वृद्धि दर, विनिर्माण क्षेत्र में 13.5 प्रतिशत की वृद्धि और पूंजी सृजन में 10 प्रतिशत से भी अधिक की वृद्धि। भारतीय अर्थव्यवस्था के विकास में निरंतर बेहतरी का क्रम अब पूरा हो चुका है। 2018-19 में देश की विकास दर और भी तेज होनी चाहिए जिससे भारत दुनिया में सबसे तेजी से विकास करने वाली अर्थव्यवस्था आगे भी बना रहेगा।’
वित्त सचिव डॉ. हसमुख अधिया ने अपने ट्वीट में कहा है, ‘वित्त वर्ष 2018-19 की प्रथम तिमाही में 8.2 प्रतिशत की जीडीपी वृद्धि दर से यह स्पष्ट संकेत मिलता है कि देश में लागू किए गए ढांचागत सुधार जैसे कि जीएसटी के अच्छे परिणाम अब मिलने शुरू हो गए हैं। विनिर्माण क्षेत्र में 13.5 प्रतिशत की वृद्धि दर से भी मांग में व्यापक सुधार होने के संकेत मिलते हैं। यह पिछली चार तिमाहियों में आर्थिक विकास की उल्लेखनीय गति को दर्शाती है जो क्रमशः 6.3, 7, 7.7 प्रतिशत और अब 8.2 प्रतिशत आंकी गई है।
The GDP growth rate of 8.2% for the Q1 (April-June) of fiscal year 2018-19 indicates clearly that several structural reforms introduced such as GST have started giving rich dividends.The growth in manufacturing sector (13.5%) also indicates broad based recovery of demand.
— Dr Hasmukh Adhia (@adhia03) August 31, 2018
It has been a remarkable speed of economic recovery in the last 4 quarters- 6.3%, 7%, 7.7% and now 8.2%
— Dr Hasmukh Adhia (@adhia03) August 31, 2018
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