
वर्तमान परिवेश में ग्राहकों की प्रतिदिन नये उत्पाद व नवीन तकनीक संबंधी बढ़ती मांगों के चलते किसी भी संस्थान के लिये अनुसंधान व विकास एक अंत्यंत महत्वपूर्ण विषय बन गया है। यह सर्वविदित है कि किसी भी संस्थान को अपने प्रतिद्वंद्वियों से नवीन उत्पादों के द्वारा आगे निकलने के लिये उसे उत्पाद प्रक्रिया व डिजाईन के प्रत्येक स्तर पर नवाचारों का बढ़ावा देना, अत्यंत आवश्यक है।
इन्हीं सब बातों को ध्यान में रखते हुए, सीआईआई राजस्थान द्वारा शहर के एक होटल में ’’ग्रोथ थू्र आरएंडडी एंड इनोवेशन’ विषय पर एक दिवसीय कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। राजस्थान सरकार के एमएसएमई सचिव नवीन महाजन ने बताया कि, ’’भविष्य की वृद्वि दर को प्राप्त करने के लिए भारतीय उद्योग जगत को आरएंडडी में पर्याप्त निवेश करना चाहिये।
उन्होने विभिन्न उदाहरणों के जरिये बताया कि किस प्रकार भारतीय अग्रणी ऑटोमेकर्स जैसे मारूती तथा महिन्द्रा एंड महिन्द्रा नई टेक्नोलॉजी और इनोवेशन के माध्यम से प्रगति कर रहे है। उन्होने कहा, भारत में आरएंडडी पर निवेश को बढ़ाने की अत्यंत आवश्यकता है। भारत में जीडीपी का महज लगभग 0.7 प्रतिशत ही आरएंडडी पर खर्च किया जाता है।
वहीं अपेक्षाकृत छोटे राष्ट्रों जैसे इजराइल में जीडीपी का लगभग 4.5 प्रतिशत और दक्षिण कोरिया में जीडीपी का 4 प्रतिशत से अधिक खर्च आरएंडडी पर किया जाता है। आरएंडडी में निवेश में वृद्वि के साथ पेटेंट संबंधित जागरूकता का प्रसार करने की आवश्यकता है।
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