Wednesday, October 2, 2019

नीम की कड़वी पतियों में छुपे हैं आयुर्वेदिक उपचार, जो दूर करेंगी हर बीमारियाँ

भारतीय पारंपरिक संस्कृति में नीम का बहुत महत्व है। माना जाता है कि नीम के पेड़ में 130 से अधिक विभिन्न जैविक रूप से सक्रिय कंपाउंड है। पुराने ज़माने में हर घर में एक नीम का पेड़ जरूर होता था , क्योंकि तब घरेलू और आयुर्वेदिक उपचारों का उपयोग भी ज्यादा थी और लोगों में इन चीजों की मान्यता भी अधिक थी। जिसका प्रयोग प्राचीनकाल से होमियोंपैथिक और आयुर्वेदिक दवाओ को बनाने में तो किया ही जाता है साथ ही बहुत से अंग्रेज़ी और ओर्गेनिक दवाईयों क बनाने में भी किया जाता है। इतना ही नहीं नीम का प्रयोग त्वचा संबंधित क्रीम, लोशन, पाउडर और फ़ेसवश में भी किया जाता है, इसलिए तो नीम को औषधीय गुण से भरपुर माना जाता है।

पेड़ के प्रत्येक भाग, चाहे पत्तियां, टहनियां, छाल, बीज, जड़, फल या फूल हों, पारंपरिक आयुर्वेदिक उपचार में सूजन, बुखार संक्रमण, त्वचा रोग और दंत विकार से लेकर कई समस्याओं के लिए प्रयोग किया जाता है। इसके एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटीऑक्सीडेंट और एंटीसेप्टिक गुण आपके शरीर को कई तरह से लाभ पहुंचाते हैं।

त्वचा के लिए –

नीम के पत्ते खाने के फायदे से शरीर से विषाक्त पदार्थों को हटाने में मदद मिलती है और हमें एक स्पष्ट त्वचा मिलती है। नीम के पत्तों में एंटी-बैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं जो संक्रमण, जलन और किसी भी तरह की त्वचा की समस्याओं का इलाज करते हैं। इसके अलावा आप नीम के पत्तों और हल्दी के पेस्ट का उपयोग करके कीट के काटने, खुजली, एक्जिमा और त्वचा रोगों के इलाज के लिए किया जा सकता है।

पत्तियों को चबाने से आपको पोषण, शुद्ध और चमकदार त्वचा भी मिल सकती है। यह मुंहासे और डार्क सर्कल की समस्याओं का भी इलाज कर सकता है। यदि नीम की कड़वाहट आपको परेशान करती है, तो उसमें आप शहद मिलाएं।

बालों के लिए-

  • नीम की पत्तियां खाना आपके बालों के लिए भी फायदेमंद साबित हो सकता हैं। इसके एंटीऑक्सीडेंट गुण ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से स्कैप्ल से आपकी रक्षा करता है।
  • नीम के पत्ते स्वस्थ कोशिका विभाजन को भी उत्तेजित करता हैं और आपके स्कैल्प के चारों ओर हेयर फोलिकल्स ग्रोथ में भी सहायता करता है। आपको बता दें कि नीम के पत्तों में एंटी-फंगल गुण होते हैं, जो मलसेज़िया नामक कवक के खिलाफ प्रभावी रूप से काम करते हैं, जो डैंड्रफ का कारण बनता है।

  • इसके अलावा उबले हुए नीम के पानी के साथ अपने बालों को धोना डैंड्रफ़ और कमजोर, क्षतिग्रस्त बालों की समस्या से छुटकारा मिल सकता है।इसके अलावा नीम एक बहुत अच्छा कंडीशनर है।
  • इसकी पत्तियों को पानी में उबालकर उसके पानी से बाल धोने से रूसी और फंगस जैसी समस्याएं दूर हो जाती हैं।

आँखों के लिए –

आयुर्वेद में यह कहा गया है कि नीम की पत्तियां आंखों के लिए बहुत ही गुणकारी है। नीम पत्तियां आपकी आंखों की रोशनी में सुधार कर सकतती है। यह किसी भी तरह की जलन, थकावट या लाली का इलाज करने के लिए काम आते हैं। आप कुछ नीम के पत्तों को उबालें, पानी को पूरी तरह ठंडा कर दें और फिर इसे आंखों को धोने के लिए इसका इस्तेमाल करें।

इम्यून सिस्टम को बढ़ाए-

एंटीमाइक्रोबायल, एंटीवायरल और एंटीऑक्सीडेंट गुणों में समृद्ध नीम की पत्तियां आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली या इम्यून सिस्टम को मजबूत करने में बहुत प्रभावी साबित हो सकती हैं। ये पत्तियां मुक्त कणों या फ्री रेडिकल्स के कारण होने वाली क्षति को रोक सकती हैं, जिससे कैंसर या हृदय रोग का खतरा कम हो जाता है। नीम के पत्ते बैक्टीरिया को नष्ट करते हैं और इम्यून सिस्टम को बढ़ावा देते हैं।

दाँतो के लिए –

नीम के दातुन में ऐसे गुण है जो दांतों के लिए बहुत ही गुणकारी है। आज भी गांवों में नीम की दातुन, ब्रश की तुलना में ज्यादा लोकप्रिय थी। यह एक ओर जहां दांतों और मसूड़ों की देखभाल के लिए हम तरह-तरह के महंगे टूथपेस्ट इस्तेमाल करते हैं वहीं नीम की दातुन अपने आप में पर्याप्त होती है। नीम की दातुन पायरिया की रोकथाम में भी प्रभावशाली होती है।



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