
रायसीना डायलॉग के दौरान चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ के प्रमुख ने जनरल बिपिन ने कहा था कि हमें आंतकवाद को खत्म करने के लिए अमेरिका की तरह काम करना होगा। जिस तरह अमेरिका ने 9/11 के बाद आंतकवाद से निपटने के लिए अभियान चलाया था। उसी तरह भारत को भी आंतकवाद से निपटने उसी तरह की योजना बनानी होगी। इस बयान पर निशाना साधते हुए हैदराबाद सांसद असुद्दीन औवेसी ने कहा कि नीति का निर्णय नागरिक प्रशासन द्वारा किया जाता है। जनरल दवारा नही।
औवेसी ने आगे कहा कि अगर आप कट्टरपंथ को खत्म करना चाह रहे है। तो जुवेनाइल कानून को पढ़ ले। आईपीसी का कानून नही लगता बच्चों पर तो आप कौन-सा डी-रेडीक्लाइज करेगें। मेरठ के एसपी पर निशाना साधते हुए असुद्दीन कहते हेै कि उत्तर प्रदेश में एसपी मुस्लिम मोहल्लों में जाकर कहते है। कि खाते जहां का है। और गाते पाकिस्तान का है। पाकिस्तान चले जाओ वरना पूरी गली को जेल बना दूंगा। हालांकि नारे लगे या नही इसका फैसला कोर्ट करेगा। और एसपी को कोर्ट में जवाब देना पडेगा।
ट्विट के माध्यम से औवेसी ने कहा कि यह उनका पहला हास्यस्पद बयान नही है। नीति का निर्णय नागरिक प्रशासन करता है। न कि कोई जनरल। नीति और प्रशासन पर बात करके जनरल बिपिन रावत सिविलियन सुपरमेसी को कम कर रहे है।
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