Wednesday, February 5, 2020

यूपी के नेता-अफसर डकार गए 13 हजार करोड़ की बिजली

जहां एक ओर यूपी का बिजली विभाग महज दस हजार रुपये बकाए पर एक आम उपभोक्ता की बिजली काट देता है, वहीं दूसरी ओर बिजली विभाग का 13 हजार करोड़ रुपए नेता, विधायक, सांसद, अफसर और सरकारी विभाग बकाया लगाकर बैठे हैं और यूपी सरकार वसूल नहीं पा रही है।

गौरतलब है कि अभी हाल ही में घाटा बढ़ने की बात कहते हुए यूपी गवर्नमेंट ने 12 परसेंट बिजली दरें बढ़ायी थी जिससे आम उपभोक्ता बेहद त्रस्त हैं।

उपभोक्ता परिषद ने जब सरकारी महकमों पर बिजली बकाए के बारे में सवाल उठाए तो यह खुलासा हुआ कि 13000 करोड रुपए तो सरकारी महकमे, सांसद विधायक और अफसर ही बकाया लगाकर बैठे हैं। 2 साल पहले यह आंकड़ा 9 करोड़ था जो कि बढ़कर 13 करोड़ हो गया।

बिजली विभाग के बड़े बकायेदारों में पुलिस विभाग, नगरीय निकाय, सिंचाई विभाग, जल निगम और सरकारी आवासों में रहने वाले अफसर व नेता शामिल हैं। मुफ्त की सरकारी बिजली से नेताओं और अफसरों का पूरा घर रोशन हो रहा है और वे कई कई एसी लगाकर मुफ्त की ठंडी हवा खा रहे हैं और घाटा बढ़ने पर जेब आम आदमी की काटी जा रही हैै।

बिजली थाने बनाए गए वसूली के लिए उसमें बहुत सारी नियुक्तियां भी की गई लेकिन उससे बड़े बकायेदारों से बिजली विभाग कभी वसूली नहीं कर पाया।

पुलिस विभाग पर भी है करोड़ों बकाया

पुलिस बूथों में हमेशा चोरी की बिजली जलती है वहां न तो बिजली का कनेक्शन है और ना मीटर है। पुलिस महकमे पर ही बिजली विभाग का करोड़ों रुपए बकाया है। सभी पुलिस बूथ बिना बिजली कनेक्शन के ही चलते हैं।

ऊर्जा विभाग की बैठक में जब ये आंकड़े पेश किए गए तो ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा भी हैरत में पड़ गए और प्रीपेड मीटर लगाने का निर्णय लिया गया लेकिन पुराने बकाए कैसे वसूले जाएंगे इस समस्या का कोई हल नहीं निकल पाया और बिना पुराना बकाया वसूली हुए प्रीपेड मीटर एक्टिवेट ही नहीं होता।

बड़ा सवाल यह है कि बिजली विभाग आम उपभोक्ता से तो छोटी सी रकम का बकाया होने पर भी बेरहमी से वसूली करने पर उतारू हो जाता है और तुरन्त बिजली भी काट दी जाती है लेकिन नेताओं और अफसरों का करोड़ों बकाया होने पर भी कभी उनकी बिजली क्यों नहीं काटी जाती?



from देश – Navyug Sandesh https://ift.tt/2ul9xLk

No comments:

Post a Comment