
गूगल ने आज मैरी सोमरविले के सम्मान में डूगल बनाया है। उन्हें आज अपने ब्राउज़िंग पेज में मैरी को सबसे ऊपर जगह दी है। जिसमें मैरी सोमरविले को कुछ लिखते हुए दिखाया जा रहा है।
मेरी सोमरविले एक स्कॉटिश साइंटिस्ट थी। जिन्होंने विज्ञान के क्षेत्र में विश्व में कई अहम योग्य योगदान दिए है। 1826 में आज के दिन फिजिक्स पर उनके द्वारा किए गए एक्सपेरिमेंट को यूके की नेशनल एकेडमी ऑफ साइंस की द रॉयल सोसाइटी ऑफ लंदन में पढ़ा गया था।
मैरी सोमरविले विश्व की पहली महिला थी जिनका रिसर्च पेपर दुनिया के सबसे पुराने साइंस पब्लिकेशन हाउस में सबके सामने पढ़ा गया था। मैरी ने सौर्य मंडल की संरचना को बहुत बड़ा योगदान दिया था। इनकी रिसर्च पेपर की वजह से ही नेपच्त्यून ग्रह को खोजने में मदद मिली थी।
सर 1834 में मैरी के द्वारा लिखी गई किताब द कनेक्शन ऑफ फिजिकल साइंस उस समय की बेस्ट सेलिंग किताबों में से एक थी।
मैरी ने ना सिर्फ विज्ञान के क्षेत्र में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया था बल्कि महिलाओं की राजनीतिक मताधिकारों के लिए भी वकालत की थी। वह पहली महिला थी जिन्होंने महिलाओं के बराबर अधिकार के लिए याचिका कोर्ट में दर्ज करवाई थी।
मैरी को अपने जीवन में मेडल इंट्रोड्यूस का पुरस्कार 2016 में दिया गया था। यह पुरस्कार उन वैज्ञानिकों को दिया जाता है जो अपने काम से साइंस के क्षेत्र में कुछ ऐसा कर जाते हैं जिससे लोगों का जीवन बेहतर बनता है।
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