
अपराधिक मामलों का सामना कर रहे है देश के कई सांसदो और नेताओं को देश की सर्वोच्च अदालत ने चुनाव लडऩे से रोकने के लिए इंकार कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने दागी सांसदों, विधायकों को अयोग्य ठहराने से इनकार कर दिया, मगर कोर्ट ने स्पष्ट रूप से कहा कि अब संसद के भीतर कानून बनाना इसकी जरूरत है।
सुप्रीम कोर्ट की पांच जजों की संविधान पीठ ने अपराध और राजनीतिक मामले पर फैसला देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वक्त आ गया है कि संसद ये कानून लाए ताकि अपराधी राजनीति से दूर रहें। मतलब यह है कि देश की सर्वोच्च अदालत ने सांसदों पर ही यह काननून बनाने का जिम्मा सौंप दिया है।
कोर्ट ने कहा कि सिफऱ् आरोप तय होने से किसी को अयोग्य करार नहीं दिया जा सकता है और बिना सज़ा के चुनाव लडऩे पर रोक नहीं लगाई जा सकती है।
साथ ही कोर्ट ने सभी राजनीतिक दलों को चुनाव लड़ रहे उनके जिन उम्मीदवारों पर आपराधिक मामले दर्ज हैं, उनकी जानकारी वेबसाइटों और इलेक्ट्रॉनिक व प्रिंट, दोनों मीडिया में सार्वजनिक करने के निर्देश दिए। एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म (एडीआर) की एक ताजा रिपोर्ट के मुताबिक 30 फीसद सांसदों और 33 फीसद विधायकों पर आपराधिक मुकदमें दर्ज हैं।
from देश – Navyug Sandesh https://ift.tt/2N54O3u
No comments:
Post a Comment