Friday, September 28, 2018

सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, सबरीमाला मंदिर में महिलये कर सकेगी प्रवेश

नई दिल्ली: देश की सर्वोच्च अदालत सुप्रीम कोर्ट आजकल कई सारे अहम् मुद्दों पर अपने फैसले दे रही है जो की काफी समय से लंबित थे| आधार, धारा 497 जैसे मुद्दों के बाद सबरीमाला मंदिर केस में सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दिया है और कहा है की इस मंदिर में महिलाओ का प्रवेश होना चहिये और ऐसा होगा क्योकि प्रवेश ना देना असंवैधानिक है| आपको बता दे की सबरीमाला मंदिर में 10 से 50 साल तक उम्र की महिलाओ का प्रवेश निषेध था| यह मंदिर केरल में स्थित है|


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सुप्रीम कोर्ट ने कही ये बड़ी बातें– सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अयप्पा के अनुयायी भी हिंदू धर्म का हिस्सा हैं| समाज को अपनी सोच बदलनी होगी और इसमें बदलाव जरूरी है| पितृसत्तात्मक सोच आड़े नहीं आनी चाहिए| धर्म के मामले में सभी को बराबरी का अधिकार है| जस्टिस चंद्रचूड ने कहा कि क्या संविधान महिलाओं के लिए अपमानजनक बातें स्वीकार कर सकता है ? पूजा से इनकार करना, महिला गरिमा से इनकार, क्या ये हमारा संविधान स्वीकार करता है? एक तरफ आप महिलाओं को देवी मानते हैं और दूसरी तरफ आप उन्हें मंदिर में प्रवेश से रोकते हैं| इसके अलावा जस्टिस नरीमन ने कहा की मंदिर में महिलाओ को पूजा करने का बराबर अधिकार है क्योकि यह मौलिक अधिकार के अंतर्गत आता है| इसके अलावा चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा ने कहा की लैंगिक आधार पर पूजा करने में कोई भेदभाव नहीं किया जा सकता है|

 

जस्टिस इंदु की राय अलग– वही इसके इतर, जस्टिस इंदू मल्होत्रा ने कहा कि धार्मिक परंपराओं में कोर्ट को दखल नहीं देना चाहिए| किसी को अगर धार्मिक प्रथा में भरोसा है तो उसका सम्मान होना चाहिए| ये प्रथाएं संविधान से संरक्षित हैं और समानता के अधिकार को धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार के साथ ही देखना चाहिए| उनका कहना था कि कोर्ट का काम प्रथाओं को रद्द करना नहीं है|



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