Thursday, September 27, 2018

गलत सूचना, झूठी जानकारी की रोकथाम के लिए व्हाट्सअप ने उठाया बड़ा कदम

देश में सोशल मीडिया पर चल रहीं फेक न्यूज और झूठी अफवाह के चक्कर में फैल रही अराजतकता ओर हिंसा को काबू करने के लिए व्हाट्सअप कई कदम उठा चुका है। व्हाट्सअप वर्तमान स्थिति को देखते हए व्हाट्स अप फीचर में कई बदलाव कर चुका है। व्हाट्सअप सरकरी एजेंसियों को विश्वास में लेकर भी इस कन्सेप्ट पर काम कर रहा है। व्हाट्सअप लगातार ऐसे फीचर पर काम कर रहा है जिससे कि इस प्लेटफॉर्म से किसी प्रकार की हिंसा नहीं फैले। अब व्हाट्सअप ने इसी क्रम में एक कदक और उठाया है।


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गलत सूचना, झूठी जानकारी और फेक न्यूज की चुनौती से मुकाबला करने के लिए व्हाट्सएप ने नई दिल्ली स्थित डिजिटल एम्पॉवरमेन्ट फाउंडेशन (डीईएफ) के साथ भागीदारी की हैै, ताकि व्हाट्सएप के यूजर्स के बीच सूचना के सत्यापन पर जागरूकता उत्पन्न की जा सके।

डीईएफ के संस्थापक-निदेशक ओसामा मंजर ने कहा, ‘‘हम ग्रामीण और हाशिये पर खड़े लोगों को ऑनलाइन लाने के लिये प्रतिबद्ध हैं। यह सुनिश्चित करना हमारी जिम्मेदारी है कि उन्हें पता हो कि खुद को इंटरनेट पर सिक्युरिटी थ्रेट्स एवं फर्जी समाचारों से कैसे सुरक्षित रखा जाता है। व्हाट्सएप और डीईएफ में हमें उम्मीद है कि यह प्रशिक्षण वर्कशॉप व्हाट्एप यूजर्स की एक समानुभति वाली सजग कम्युनिटी बनाने में मदद करेंगी जो प्रत्येक संदेश पर प्रतिक्रिया से इतर उत्तर देना सीखेंगे।

व्हाट्सएप के पब्लिक पॉलिसी मैनेजर बेन सपल ने कहा, डिजिटल एम्पॉवरमेन्ट फाउंडेशन (डीईएफ) भारत में डिजिटल साक्षरता के विस्तार में अग्रणी रहा है और हम गलत सूचना की चुनौती से निपटने के लिये उनके साथ काम करके प्रसन्न हैं। हम लोगों को गलत समाचारों से बचाना चाहते हैं और उन्हें फैलने से रोकने के लिये यूजर्स को सशक्त करना चाहते हैं। व्हाट्सएप द्वारा इस दिशा में उठाये गये कदमों के अलावा, हम मानते हैं कि शिक्षा द्वारा लोगों को प्रभावित करने से डिजिटल इंडिया का सपना साकार होगा।’’

आगामी विधानसभा और आम चुनावों के मद्देनजऱ, डीईएफ ने देश के उन 10 राज्यों में कम्युनिटी लीडर्स के लिये 40 प्रशिक्षण सत्रों के आयोजन का वचन दिया है, जहां हिंसा के चिंताजनक मामले सामने आये हैं और जहाँ इस वर्ष के अंत से पूर्व विधानसभा चुनाव होने हैं।

डीईएफ सरकारी अधिकारियों, प्रशासनिक प्रतिनिधियों, सिविल सोसायटी संगठनों और विद्यार्थियों को शिक्षित करने में मदद करेगा, ताकि वह इस चुनौती के सम्बंध में जागरूकता फैला सकें। इस प्रशिक्षण से व्हाट्सएप के यूजर्स अन्य समुदायों के प्रति संवेदनशील होंगे और राय और तथ्य के बीच अंतर समझ सकेंगे और उनमें किसी सूचना को अपने मित्रों या परिवार को फॉरवर्ड करने से पहले उसके सत्यापन की आदत पड़ेगी।

इसके अतिरिक्त, डीईएफ सात राज्यों के करीब 30,000 जमीनी स्तर के सामुदायिक सदस्यों के अपने नेटवर्क के हिस्से के तौर पर, इस नये प्रशिक्षण को प्रदान करेगा।

 



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