
निजी क्षेत्र के सबसे बड़े बैंक आईसीआईसीआई के प्रबंध निदेशक के पद से चंदा कोचर ने इस्तीफा दे दिया है। चंदा कोचर की जगह संदीप बख्शी ने ली है। बख्शी का कार्यकाल 5 सालों का होगा, जो 3 अक्टूबर 2023 को पूरा होगा। आईसीआईसीआई बैंक की प्रमुख चंदा कोचर पर लोन देने के मामले की जांच चल रही है। उन पर आरोप है कि उन्होंने कंपनियों को नियम विरुद्ध लोन दिया है, जिस कंपनी को चंदा कोचर ने लोन दिलवाया है, उस कंपनी में उनके पति दीपक कोचर भी हिस्सेदार हैं। कोचर परिवार परिवार पर लगे कथित अनियमितता के आरोपों की कई एजेंसियां जांच कर रही हैं।
चंदा कोचर और आईसीआईसीआई बैंक से जुड़े मामले को स्श्वक्चढ्ढ के अलावा आरबीआई और कॉर्पोरेट अफेयर्स मिनिस्ट्री भी देख रही हैं।
चंदा कोचर और उनके परिवार पर चले रहे मामलों में एक मामला यह भी है कि कोचर परिवार ने विडियोकॉन ग्रुप के चेयरमैन वेणुगोपाल धूत को लोन दिलाने के बदले वित्तीय फायदा लिया है।
आईसीआईसीआई बैंक ने 3,250 करोड़ रुपये के लोन विडियोकॉन ग्रुप को 2012 में दिया था। विडियोकॉन ग्रुप के चेयरमैन वेणुगोपाल धूत पर आरोप है कि उन्होंने 2010 में 64 करोड़ रुपये न्यूपावर रीन्यूएबल्स प्राइवेट लिमिटेड (NRPL) को दिए थे। इस कंपनी को धूत ने दीपक कोचर और दो अन्य रिश्तेदारों के साथ मिलकर खड़ा किया था।
ऐसे आरोप हैं कि चंदा कोचर के पति दीपक कोचर समेत उनके परिवार के सदस्यों को कर्ज पाने वालों की तरफ से वित्तीय फायदे पहुंचाए गए। आरोप है कि आईसीआईसीआई बैंक से लोन मिलने के 6 महीने बाद धूत ने कंपनी दीपक कोचर के एक ट्रस्ट को 9 लाख रुपये में ट्रांसफर कर दी थी।
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