
भोपाल: एमपी में होने वाले विधानसभा चुनावो के लिए इस बार कांग्रेस बहुत अधिक सख्त दिखाई दे रही है| टिकट ना मिलने से नाराज कई सारे बड़े नेताओ को पार्टी में बड़ा पद दिया गया है लेकिन बहुत अधिक मनाने पर भी बागी हुए नेता कही ना कही इस बार पार्टी से निकाले जा रहे है| ऐसे ही है जब एमपी कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सत्यव्रत चतुर्वेदी के बेटे ने टिकट ना मिलने पर सपा से नामांकन दाखिल किया तो उन्हें कांग्रेस ने पार्टी से निकाल दिया| चुनाव से पहले कही ना कही ऐसे बड़े नेता को पार्टी से निकालना कांग्रेस के लिए झटका हो सकता है|
बेटे के लिए मागेगे वोट– बेटे के लिए टिकट मांग रहे सत्यव्रत ने पार्टी नेतृत्व पर गंभीर आरोप लगाए हुए बेटे का साथ देने का ऐलान किया था| उन्होंने साफ कहा था कि वह अपने बेटे के लिए प्रचार करेंगे| उन्होंने कहा था कि बेटे ने जो भी फैसला लिया है वो सोच-समझकर लिया है| 8 नेता दूसरे दलों के टिकट पर अब चुनाव लड़ रहे हैं, जबकि करीब एक दर्जन नेताओं ने निर्दलीय चुनाव लड़ने का ऐलान किया है| कांग्रेस 15 साल बाद सूबे में सत्ता में वापसी की कोशिश में लगी है तो उसे बगावत करने वाले नेताओं की चुनौतियों का सामना भी करना पड़ रहा है| पार्टी ने सत्यव्रत चतुर्वेदी के साथ 17 नेताओं को बाहर का रास्ता दिखाया है|
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