
अगर आपके बच्चे की सोने की अवधि बहुत अनियमित है, तो बेहतर है कि आप 5 साल की आयु से पहले ही बच्चे की निद्रा प्रकिया में ज्यादा परिवर्तन कर लें, क्योंकि अनियमित नींद बच्चे की एकाग्रता-क्षमता को प्रभावित कर सकती है।नींद की समस्या आगे चलकर बच्चों के छात्र जीवन को भी प्रभावित करती है, जिससे उनके सामने भावात्मक और व्यवहारात्मक बाधाएं विकसित होती हैं।
इस शोध के लिए वर्ष 2004 में जन्मे सात वर्ष उम्र तक के लगभग 2,880 बच्चों का आकलन किया गया था।ऑस्ट्रेलिया की क्वींसलैंड यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी से इस अध्ययन की मुख्य शोधार्थी ने बताया कि अगर पांच साल की आयु तक बच्चों की नींद प्रक्रिया को व्यवस्थित नहीं कर लिया जाए, तो ऐसे बच्चों को स्कूल के समय के साथ सामंजस्य बैठाने में बहुत परेशानी हो सकती है।
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