
आज तक ज्यादतर लोग यही मानते हैं कि छिलके पूरी तरह अनुपयोगी होते हैं। वे छिलकों के गुणों से पूरी तरह अनजान होते हैं। फलों का गूदा व रस पौष्टिक, गुणकारी व स्वास्थ्य के लिए लाभकारी तो होता ही है, छिलके भी बहुत कम उपयोगी नहीं होते।
छिलकों का उपयोग विभिन्न बीमारियों में औषधि के रूप में, शारीरिक सौंदर्य रक्षा में, स्वास्थ्य सुरक्षा में, स्वादिष्ट खाद्य सामग्री तैयार करने में, रसोई, कपड़ों आदि के रख रखाव में भी बखूबी किया जा सकता है। तो आइए आज हम आपको बताते है रद्दी समझकर फेंके जाने वाले कुछ फलों एवं सब्जियों के छिलकों के बखूबी इस्तेमाल के बारे में…
1. नींबू के छिलके:
नींबू व संतरे के छिलकों के उबले पानी से मुंह धोने पर त्वचा स्वच्छ व मुलायम भी बनती है। इसी में ठंडा पानी मिलाकर नहाने से शरीर को बहुत ताजगी महसूस होती है। सिरदर्द में नींबू के छिलकों को पीस कर लेप करने से (सिर में) सिरदर्द समाप्त हो जाता है।
2. करेले के छिलके:-
करेले की सब्जी अत्यंत गुणकारी मानी जाती है। इसका छिलका भी कम गुणकारी नहीं। इसके छिलके के रस का रोज सेवन करने पर डायबिटीज (मधुमेह) पर काबू पाया जा सकता है। इसके छिलके छिलके को सुखाकर दाल, चावल, गेहूं, बेसन, मैदा तथा अन्य खाद्य पदार्थों के डिब्बों में रखने से उनमें कीड़े लगने की संभावना कम हो जाती है।
3. पपीते के छिलके :
सौंदर्य रक्षा में पपीते के छिलके को सुखाने के बाद पीस कर उसमें ग्लिसरीन मिक्स करके चेहरे पर लेप करने से चेहरे की खुश्की मिटती है। इसके अलावा पैरों के तलवे की दरारों से खून निकलने पर कच्चे पपीते के छिलके को पीस कर पैरों की दरारों में लगाने से आराम मिलता है।
4. केले के छिलके :
जख्म में केले के छिलके की भीतरी पतली सी परत लगाने पर हर तरह के जख्म का घाव भर जाता है। इसके आलावा चमड़े के जूते, चप्पल या अन्य वस्तुओं को केले के छिलके के अंदर के गूदे से रगड़कर सूखने के बाद कपड़े से पोंछने पर चमड़े में चमक आ जाती है।
5. खीरा-ककड़ी के छिलके
खीरे-ककड़ी के छिलकों को रैक, अलमारी, दराज आदि में रखने पर वहां से काकरोच, झींगुर आदि कीड़े भागते हैं।
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