
जब बच्चे आपकी आंचल से निकलकर बाहर की दुनिया में प्रवेश करता है तो उसे बहुत सी चीजों का सामना करना पड़ता है जैसे स्कूल में वह किसी ने किसी प्रतियोगिता में भाग लेता है
लेकिन ऐसा जरुरी नहीं है कि वह हर प्रतियोगिता में सफल ही हो कभी कभी हार भी उसके झोली में आती है बहुत से बच्चे तो इस हार को आसानी से जेल ले लेते हैं
वही कुछ बच्चों के लिए जीत-हार उनकी जिंदगी बन जाती है ऐसे में यह बहुत जरूरी है कि आप बच्चों को हार का ना सिर्फ सामना करना सिखाए बल्कि उसे अच्छे से हैंडल करना भी सिखाएं आइए जानते हैं ऐसे ही कुछ तरीकों के बारे में
सबसे पहले आप को बच्चों को इस बात का अहसास कराना होगा कि जीत और हार एक ही सिक्के के पहलू है जिस तरह जब आप जीतते हैं तो कोई न कोई बच्चा हारता है ठीक उसी तरह यह जरुरी नहीं है कि हर बार आप ही जीते
जिस तरह आप बच्चों के जीतने पर जश्न मनाते हैं ठीक उसी तरह, उनकी हार को सेलिब्रेट करना भी सीखें। बच्चे को यह समझ आएगा कि हारना कोई बुरी बात नहीं है
साथी बच्चे को यह समझाना भी बेहद आवश्यक है कि हारना कमजोरी की निशानी नहीं है बल्कि यह आपको वह ताकत देती है कि आप दोबारा दुगनी उत्साह व मेहनत से अपने लक्ष्य को प्राप्त करने में जुट जाएं
from लाइफस्टाइल – Navyug Sandesh https://ift.tt/2OlQN5F
No comments:
Post a Comment