Tuesday, December 31, 2019

क्यों जरुरत पड़ी भारत में सीडीएस के पद की?

जनरल विपिन रावत को चीफ ऑफ डिफेंस का कार्यभार 31 जनवरी दिया जाएगा। विपिन रावत 31 दिसंबर को सेना प्रमुख के पद से सेवानिवृत्व हो जाएगे। उसके बाद उन्हें सीडीएस का पदभार दिया जाएगा।

15 अगस्त को प्रधानमंत्री ने इस पद की घोषणा लाल किले से की थी। देश की तीनों सेनाओं के बीच आपसी तालमेल बिठाने के लिए सीडीएस के पद को आरंभ किया गया है। जनरल रावत को लेकर काफी लंबे समय से कयास लगाए जा रहे है। 62 साल के विपिन रावत इस पद पर तीन साल तक रहेंगे।

इस रेस में पहले लेफ्टिनेंट जनरल मनोज मुकुंद नरवाने, जनरल सतबीर भी शामिल थे। लेकिन जनरल विपिन रावत को इस पद के लिए चुना गया है। जनरल मनोज नरवाने को अगले सेना अध्य़क्ष का पदभार मिला है। सीडीएस चार स्टार रैंक वाले अधिकारी के बराबर का पद होगा।

सेनाध्यक्ष बिपिन रावत के रूप में पहला चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ मिलने के बाद अब सवाल उठता है।  कि आखिर इस अहम पद के पास जिम्मेदारी क्या रहेगी।

– सबसे अहम जिम्मेदारी रहेगी तीनों सेनाओं के बीच तालमेल को और बेहतर बनाने के लिए जल्द ही सैन्य मामलों का विभाग का गठन किया जाए. चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) इसके चीफ होंगे।

सीडीएस का दूसरा रोल चीफ ऑफ स्टाफ कमेटी के स्थायी अध्यक्ष का होगा।  जिसमें सीडीएस की भूमिका सशस्त्र सेनाओं के ऑपरेशंस में आपसी समन्वय और उसके लिए वित्त प्रबंधन की होगी।

-सीडीएस तीनों सेनाओं से जुड़े मुद्दों पर रक्षा मंत्री के प्रिसिंपल मिलिट्री एडवाइजर भी होंगे। सीडीएस सेना के तीनों अंगों के प्रमुखों की तरह ही चार स्टार वाले ऑफिसर होंगे, लेकिन प्रोटोकॉल में आगे होंगे।

क्यों जरुरत पड़ी इस पद की?

कहा जा रहा है कि कारगिल युद्ध के समय तीनों सेनाओं के बीच आपसी तालमेल की काफी कमी देखने को मिली थी। उस समय के उप-प्रधानमंत्री लाल कृष्ण अडवाणी ने जब सेना प्रमुखों से बात की तब सेना के बीच समंवय को लेकर काफी चर्चा हुई थी।उस समय भी सीडीएस की मांग उठी थी।  परंतु राजनितिक कारणों के चलते सीडीएस का प्रोत्साहन नही मिल पाया था। इस पद पर आसीन प्रमुख को  तीनों सेनाओं के प्रशासनिक मुद्दों पर फैसला् लेने की शक्ति होगी।लेकिन वह सेना को कमांड़ नही दे सकता।

हालांकि भारत दुनिया का पहला ऐसा देश नहीं है। जहां चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ की नियुक्ति की गई है।  दुनिया के कई देशों में ये व्यवस्था पहले से ही है। नॉर्थ अटलांटिक ट्रिटी ऑर्गेनाइजेशन के 29 देशों में से ज्यादातर देश इस व्यवस्था के तहत अपनी सेनाओं के सर्वोच्च पद पर चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ नियुक्त करते हैं।  इनकी शक्तियां देश के आर्म्ड फोर्सेज में सबसे ज्यादा होती हैं।

यूनाइटेड किंगडम (यूके), इटली और फ्रांस सहित करीब 10 देशों में सीडीएस की व्यवस्था रही है। अब भारत का नाम भी इसमें जुड़ गया है। वैसे हर देश अपने सीडीएस को अलग-अलग शक्तियां प्रदान करता है।



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