
देशभर में अब कोरोना मरीजों की संख्या बढ़कर 724 पहुंच चुकी है। लॉक डाउन और तमाम सावधानियों के बावजूद बढ़ती हुई संख्या को लेकर पूरा देश चिंतित है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया भी कोरोनावायरस को लेकर गंभीर हो गया है। आरबीआई ने 50 कर्मचारियों को क्वारेंटीन करने का फैसला लिया है।
आरबीआई के गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि हम कोरोना को लेकर पूरी तरह से गंभीर है। किसी भी तरह का रिस्क नहीं लिया जाएगा। आरबीआई के 50 कर्मचारियों को क्वारेंटीन करने का फैसला लिया गया है। यह फैसला इसलिए किया गया है कि आरबीआई का एक भी कर्मचारी अगर संक्रमित पाया गया तो सभी कर्मचारियों को आइसोलेशन वार्ड में रखना पड़ेगा। उनका टेस्ट होगा।
ऐसे में 50 कर्मचारियों को क्वारेंटीन कर लिया जाएगा। ताकि वह हर वक्त ऑफिस नहीं रहे और बाहरी दुनिया से उनका कोई कनेक्शन ना रहे। यह कर्मचारी बाहरी दुनिया से नहीं मिल सकते। यहां तक कि अपने परिवार वालों से भी नहीं मिलेंगे। ऐसा आरबीआई के काम को सुचारू रूप से चलाने के लिए किया जा रहा है। देश भर में कुल 724 केस कोरोना को लेकर केस दर्ज किए जा चुके हैं। 17 लोगों की मौत हुई है उसमें 135 अभी संक्रमित है।
इसके साथ आरबीआई के गवर्नर ने कुछ महत्वपूर्ण संदेश दिए हैंः
उन्होंने कहा कि लाकडाउन के बीच इकोनॉमी को बढ़ाने के लिए सरकार लगातार फैसले कर रही है। लॉकडाउन की वजह से आर्थिक मंदी तो जरूर आएगी, इससे निपटने के लिए सरकार काम कर रही है। साथ ही उन्होंने कहा कि सभी बैंक से ली गई लोन पर 3 महीने की राहत दी जाए। यह आरबीआई का आदेश तो नहीं पर सलाह जरूर है । तो अब यह बैंक को तय करना है कि वह क्या करेगी। कौन से लोन पर छूट दिया जाएगा और किस पर नहीं।
इसके साथ आरबीआई ने रेपो रेट कटौती का फैसला लिया है। यह एक बडा फैसला है। रेपो रेट कटौती का फायदा होम, कार और अन्य तरह के लोन लेने वाले लोगों को मिलेगा। नया लोन लेने वाले ग्राहकों को भी इससे फायदा मिलेगा। साथ ही आरबीआई के गवर्नर ने कहा कि सभी कमर्शियल बैंक को ब्याज अदा करने के लिए 3 महीने की छूट दी जा रही है। तीन लाख 74 हजार करोड़ नगदी का सिस्टम भी लाया जाएगा।
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