
इन दिनों भारत की पहली इंजन रहित ट्रेन T-18 का ट्रायल चल रहा है। अब इस ट्रेन ने स्पीड के सन्दर्भ में नया रिकॉर्ड बनाया है। ट्रायल के दौरान यह ट्रेन 180 किलोमीटर प्रति घंटे से ज्यादा की स्पीड से ट्रैक पर दौड़ी। इस ट्रेन की अधिकतम स्पीड 220 किमी प्रति घंटे तक की हो सकती है। रेल मंत्री पीयूष गोयल ने ट्वीट कर के इस बात की जानकारी दी।
यह ट्रेन मौजूदा शताब्दी एक्प्रेस की जगह लेगी। यह ट्रेन पूरी तरह से भारत में बनी है। बाक़ी ट्रेनों की तरह इसके न तो डब्बे बदले जाते हैं और न ही इसमें ईंजन लगा होता है। सारे कंपोनेंट्स मिलकर यह एक सेट की तरह चलती है। इसलिए इसे ट्रेन सेट के नाम से जाना जाता है। चेन्नई के इंटिग्रल कोच फैक्ट्री में तैयार इस ट्रेन की पूरी बॉडी ख़ास एल्यूमिनियम की बनी है। हलकी धातु से बनी होने के कारण कारण इसे ब्रेक लगाकर रोकना आसान होगा और इसके तुरंत ही तेज़ गति भी दी जा सकती है।
इस ट्रेन के मध्य में दो एक्जिक्यूटिव कंपार्टमेंट होंगे। प्रत्येक में 52 सीटें होंगी। वहीं सामान्य कोच में 78 सीटें होंगी। शताब्दी एक्सप्रेस की गति 130 किलोमीटर प्रति घंटे है जबकि यह 220 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार तक चल सकेगी। ‘ट्रेन-18′ में जीपीएस आधारित यात्री सूचना प्रणाली के अलावा अलहदा तरह की लाइट, ऑटोमेटिक दरवाजे और सीसीटीवी कैमरे लगे होंगे।
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