
उम्मीदवारों की आपराधिक पृष्ठभूमि को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को कई निर्देश दिए हैं –
राजनीतिक दलों(केंद्र तथा राज्य स्तर पर) के लिए चुने गए उम्मीदवारों के बारे में लंबित आपराधिक मामलों(अपराध की प्रकृति तथा अभियोग पत्र की स्थिति,संबंधित न्यायालय, केस नंबर सहित) की जानकारी और उनके चुने जाने के कारण तथा गैर-आपराधिक पृष्ठभूमि के व्यक्तियों को उम्मीदवार के रूप में चयन नहीं करने के कारणों की विस्तृत सूचना उनकी वेबासाइटों पर अपलोड करना अनिवार्य होगा।
चयन के कारणों में उम्मीदवारों की योग्यता, उपलब्धियां तथा मेधा होने चाहिए न कि चुनाव में उसके जीतने की संभावना।
सूचना का प्रकाशन (क) एक स्थानीय भाषाई समाचार पत्र तथा एक राष्ट्रीय समाचार पत्र में (ख) फेसबुक तथा ट्वीटर सहित राजनीतिक दलों की आधिकारिक सोशल मीडिया प्लोटफार्मों पर भी होना चाहिए।
इन सूचनाओं को उम्मीदवार चयन के 48 घंटों के भीतर या नामांकन पत्र दाखिल करने की पहली तिथि से कम से कम दो सप्ताह पहले ,जो भी पहले हो, प्रकाशित करना होगा।
संबंधित राजनीतिक दल उम्मीदवार चुनने के 72 घंटों के भीतर निर्देशानुसार परिपालन रिपोर्ट निर्वाचन आयोग को प्रस्तुत करेंगे।
यदि कोई राजनीतिक दल ऐसी परिपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करने में विफल रहता है तो निर्वाचन आयोग निर्देशों का परिपालन नहीं किए जाने का संज्ञान आदेशों/निर्देशों की अवमानना के रूप में उच्चतम न्यायालय के समक्ष लाएगा।
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